आईएएस अधिकारियों की तरह ही अब पीसीएस अधिकारियों के लिए भी उत्तर प्रदेश में नियम बदल गए हैं। अब पीसीएस अधिकारियों को भी हर वर्ष चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना होगा। यह ब्योरा 31 जनवरी तक वार्षिक संपत्ति विवरण स्पैरो पोर्टल पर ऑनलाइन देना होगा। दरअसल आईएएस अधिकारियों को हर वर्ष आनलाइन अचल-अचल संपत्ति की जानकारी देनी पड़ती है।
आईएएस अधिकारियों की तर्ज पर अब पीसीएस अधिकारियों को भी हर वर्ष चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना होगा। यह ब्योरा 31 जनवरी तक वार्षिक संपत्ति विवरण स्पैरो पोर्टल पर ऑनलाइन देना होगा। अभी तक पीसीएस अधिकारियों को पांच वर्ष में एक बार अपनी चल-अचल संपत्ति की जानकारी सरकार को देनी पड़ती थी।
दरअसल, आईएएस अधिकारियों को हर वर्ष ऑनलाइन अचल-अचल संपत्ति की जानकारी देनी पड़ती है। इसी तरह अब पीसीएस अधिकारियों की भी व्यवस्था कर दी है। नियुक्ति विभाग के विशेष सचिव धनन्जय शुक्ला की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि अब उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों को 31 जनवरी तक वार्षिक संपत्ति विवरण देना होगा।
ऑनलाइन दर्ज करनी होगी जानकारी
पीसीएस अधिकारियों को यह विवरण (sparrow-pcs.up.gov.in) पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना होगा। प्रदेश में तैनात सभी पीसीएस अधिकारियों को 31 दिसंबर 2023 तक उनके पास अर्जित चल-अचल संपत्ति का विवरण पोर्टल पर उन्हें अपने आइडी व पासवर्ड का प्रयोग करते हुए अनिवार्य रूप से 31 जनवरी तक ऑनलाइन भरना होगा।
नहीं किया तो होगा एक्शन
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि कोई अधिकारी 31 तक ऑनलाइन संपत्ति का विवरण नहीं देते हैं तो सरकार इसका प्रतिकूल संज्ञान लेगी। इसके लिए कठोर नियम भी बनाए गए हैं।


+ There are no comments
Add yours