अब पतियों को मिली खुशखबरी, अब नहीं देना पड़ेगा पत्नी को गुजारा भत्ता ,बदल गया कानून , धारा 125 ख़तम, नया कानून आया

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सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पत्नी अपने पति से तलाक लिए बिना गुजारा भत्ता ले सकती थी । धारा 125 में पत्नी, माता-पिता और संतान के भरण पोषण के लिए आदेश का प्रावधान था। हिंदू मैरिज एक्ट-1955 की धारा 24 और 25 के तहत कोई भी महिला अपने पति से मुआवजा मांग सकती थी।

अब धारा 125 में नहीं मिलेगा पत्नी को मेंटेनेंस

इन पांच बातों को साबित करने वाली केवल पत्नियों को ही धारा 144 के तहत मेंटेनेंस मिलेगा और 125 के तहत अब किसी भी पत्नी को मेंटेनेंस आने वाले टाइम में नहीं मिलेगा। 125 का जो कानून हो, पूरी तरह से बदल गया है।  यह पांच बातें कौन सी है जिनको पत्नी को अब साबित करना जरूरी हो गया है और इन नई धारा 144 क्या है।
दोस्तों अब से पहले आपने देखा है कि अगर पत्नी पति से मेंटेनेंस लेना चाहती है।अब से पहले जो प्रक्रिया चल रही थी, उसमें की कुछ भी नहीं सुनी जाती थी कि उन्हें प्रति कोई साबित करना पड़ रहा था और यहां पर बहुत ज्यादा पर लगी रहा था कि यहां पर कुछ ज्यादा रही है। 125 सीआरपीसी के अंदर मिल ही नहीं रही थी। एंड कि यहां पर अगर पति की गलती है या फिर नहीं है तो भी पति को पर मेंटिनेस लग रहा है। यानी कि कुछ देखा ही नहीं जा रहा है। इतना अपने पति के साथ में हो रहा था। पर इन बातों का अब कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला है क्योंकि 125 का जो कानून है, वह पूरी तरह से बंद हो रहा है। खत्म हो रहा है।
अब नए कानून के तहत नया प्रोसीजर चलेगा और यहां पर पति को नहीं पत्नी को साबित करना होगा। उनकी पत्नी ही साबित करेगी कि उसको मेंटेनेंस की जरूरत है तो उसको क्यों जरूरत है। इसमें पांच बड़ी बातें पत्नी को साबित करना चाह रही हो गई। तभी उन पत्नियों को धारा 144 के अंतर्गत मेंटेनेंस मिलेगा।

 धारा 144 क्या है,

यह धारा है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 इन के नया कानून है।धारा इसके अंदर एंड हुई है और इसके तहत आने वाले टाइम के अंदर पत्नी पति के ऊपर मेंटेनेंस का केस करके पति से मेंटेनेंस ले सकेगी पर अब आसान नहीं होगा। इस कानून के तहत पत्नी को खुद को यह पांच बत्ती साबित करना जरूरी हो गया है तो इसमें पहली बड़ी बात तो यह आती है कि अगर पत्नी पढ़ी-लिखी नहीं है तो इस बात को पत्नी को कोर्ट के अंदर साबित करना पड़ेगा क्योंकि पेपर नहीं हो कम नहीं सकती हो, पढ़ी-लिखी नहीं है। इस बात को अगर पत्नी कोर्ट के अंदर साबित करेगी। उनके सबूत पत्नी कोर्ट के अंदर देगी। तभी पत्नी को धारा 144 के तहत मेंटेनेंस मिलेगा अन्यथा पत्नी को मेंटेनेंस नहीं मिलेगा।
दूसरी बात आती है कि अपनी जॉब नहीं कर रही है। उसके पास में ऐसा कोई भी रोजगार नहीं है। इस बात को भी पत्नी कोर्ट के अंदर साबित करेगी। उसके पास अपनी जॉब वगैरा नहीं है। वह जॉब नहीं लग सकती है। इस वजह से उसे मेंटेनेंस चाहिए तो इस बात को पत्नी को एविडेंस के आधार पर।कोट के अंदर साबित करना पड़ेगा तभी पत्नी को धारा 144 के तहत मेंटेनेंस मिलेगा। अन्यथा पत्नी को मेंटेनेंस नहीं मिलेगा
तीसरी बात इनमें यह आती है कि पत्नी को अब बैंक स्टेटमेंट ने कानून के तहत कोर्ट के अंदर देना होगा। उसको यह दिखाना होगा कि उसके बैंक अकाउंट के अंदर पैसा नहीं है। पैसा नहीं आता है। इस बात को जब पत्नी कोर्ट के अंदर क्लियर करेगी तभी पत्नी को मेंटेनेंस मिलेगा अन्यथा पत्नी को मेंटेनेंस नहीं मिलेगा।
अब इसमें चौथी बड़ी बात ही आती है। पत्नी को कारण देना होगा। क्यों पति से अलग क्यों रह रही है। कारण के आधार पर अलग रह रही है। बिना कारण के अलग नहीं रही है। इस बात को भी पत्नी को कोर्ट के साबित करना जरूरी हो गया है। अगर पति उसको रखना चाहते हैं और पति वहां पर सेक्शन नाइन का केस कर रखे हैं। उतनी इन बातों को कोर्ट केंद्र साबित नहीं कर रही है कि उसके पति उसको नहीं रख रहे हैं। ऐसी पत्नी को मेंटेनेंस नहीं मिलेगा तो हम भी अभी बहुत ही महत्वपूर्ण बात है।
अब इसमें पांच महत्वपूर्ण बात यह आती है। पत्नी को यह भी साबित करना होगा। अगर उसके पति उसके ऊपर adultery (बेवफाई ) या व्यभिचार  की आरोप लगा रहे हैं तो कोर्ट के अंदर क्लियर करेगी तो adultery (बेवफाई ) या व्यभिचार नहीं है या नहीं इस बात का प्रमाण भी है जो पत्नी को देना जरूरी हो गया है तो जानकारी आपके समझ में गई होगी।
5 बातों में से अगर पत्नी एक भी बात कोर्ट के अंदर एविडेंस के आधार पर साबित कर देती है। कोर्ट को कन्वेंस कर देती है तो ही पत्नी को नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के तहत मेंटिनेस मिलेगा और 125 सीआरपीसी के तहत पत्नी को मेंटेनेंस नहीं मिलेगा 

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