लखनऊ में तैनात आरपीएफ के डीआइजी संतोष कुमार दुबे की अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर झारखंड हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। संतोष कुमार दुबे पहले झारखंड के चक्रधरपुर धनबाद और रांची डिवीजन में पदस्थापित थे। तब उनके विरुद्ध 1.48 करोड़ रुपये आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था। सीबीआइ ने आय से अधिक संपत्ति मामले में 10 जुलाई 2013 को मामला दर्ज किया था।
अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं होने पर कोर्ट ने संतोष कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर रोक को बरकरार रखा था। इस बीच उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्त दे दी गई। इसके बाद उनकी ओर से हाई कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर उक्त आदेश को चुनौती दी गई थी। अदालत ने केंद्र सरकार से जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित की है।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
संतोष कुमार दुबे पहले झारखंड के चक्रधरपुर, धनबाद और रांची डिवीजन में पदस्थापित थे। तब उनके विरुद्ध 1.48 करोड़ रुपये आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था। सीबीआइ ने आय से अधिक संपत्ति मामले में 10 जुलाई 2013 को मामला दर्ज किया था। इसके बाद आरपीएफ ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही का आदेश दिया।
सीबीआइ ने 28 जून 2022 को संतोष और उनकी झारखंड में एडीजीपी के पद पर तैनात उनकी आइपीएस पत्नी प्रिया दुबे समेत अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
(Courtesy by; Jagran)


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