लखनऊ में अतिक्रमण हटाने बुलडोजर लेकर पहुंचा प्रशासन, व्यापारियों ने बनाया ऐसा बहाना- रोकनी पड़ गई कार्रवाई

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एलडीए उपाध्यक्ष डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि अवैध कब्जे सभी गिराए जाएंगे। कब्जेदारों को पर्याप्त समय पहले ही दिया जा चुका है। वहीं उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने भी अधिकारियों से और समय मांगने का प्रयास किया लेकिन अफसरों ने साफ मना कर दिया। पुलिस पीएसी व आरएएफ को भीड़ नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

कुकरैल नदी पर कब्जा करके बसाए गए अकबरनगर प्रथम और द्वितीय के अवैध कब्जों को हटाने के लिए गुरुवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन कवायद करता रहा। शुरू में कुछ शोरूम चलाया भी, लेकिन चंद मिनट बाद यह रुक गया।

फिर व्यापारी सामान निकालने की बात कहने लगे। मौके पर मौजूद एलडीए वीसी डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने व्यापारियों व स्थानीय लोगों को थोड़ा समय दिया, लेकिन लोग अपने घरों व शोरूम मालिक अपने सामान को निकलवाने की आड़ में समय व्यतीत करते रहे।

धर, बादशाहनगर से लेखराज मार्केट के बीच पूरी तरह से रास्ता बंद कर दिया गया। सिर्फ एंबुलेंस वालों को जाने दिया गया। बिना किसी पूर्व सूचना के रास्ता बंद हो जाने से लंबा जाम भी लगा रहा और हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

एलडीए उपाध्यक्ष डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि अवैध कब्जे सभी गिराए जाएंगे। कब्जेदारों को पर्याप्त समय पहले ही दिया जा चुका है। वहीं उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने भी अधिकारियों से और समय मांगने का प्रयास किया, लेकिन अफसरों ने साफ मना कर दिया।

सड़कों पर हजारों स्थानीय लोगों की भीड़ होने के कारण कई थानों की पुलिस, पीएसी व आरएएफ को भीड़ नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। यहां लोगों ने भीखमपुर, अकबरनगर प्रथम और द्वितीय को अवैध रूप से बसाया गया था। यहां 101 अवैध वाणिज्यिक निर्माण किए गए हैं।

नगर निगम, एलडीए भी दोषी

एलडीए, नगर निगम की अनदेखी के कारण भीखमपुर, अकबरनगर प्रथम और द्वितीय को बसाने में दोनों विभाग भी कही न कही जिम्मेदार है। सड़कों पर अवैध शापिंग काम्लेक्स का जाल फैलता गया और अभियंता इन अवैध निर्माण को बनवाते रहे।

(Courtesy by; Jagran)

 

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