अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ने चुनाव के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों पर हमले किए, इंटरनेट और दूरसंचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया, जो गलत है, और हम इसे कठोरता से भी निंदा करते हैं। चुनावों में हुई धांधली और हस्तक्षेप को लेकर उन्होंने कहा कि इन दावों की पूरी जांच होनी चाहिए
“गुरुवार, 8 फरवरी को पाकिस्तान में साधारण चुनावों का आयोजन हुआ। यह चुनाव पाकिस्तान के लोगों के अलावा अन्य देशों के भी ध्यान में रहा। सत्ता पर कब्ज़ा करने के लिए हर पार्टी ने कठोर प्रयास किए, लेकिन नतीजे आश्चर्य उत्पन्न कर रहे हैं। पहले ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), पुनः सत्ता में आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”
जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान ने चुनावी मैदान में सबको चौंका दिया है। उनकी पार्टी के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों का शानदार प्रदर्शन ने इस चुनाव में उन्नति के रास्ते पर ले जाते हुए है। इससे नवाज शरीफ की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इमरान की पार्टी ने उनकी उम्मीदों को पूरा किया है और उन्हें मायने में पानी फेर दिया है।
निंदा की जाती है: चुनाव के दौरान हिंसा और प्रतिबंधों
चुनाव के दौरान हुई धांधली और छिटपुट हिंसा की भी खबरें सामने आई हैं। चुनाव के दौरान कई तरह की पाबंदियां लगाई गई थीं, जैसे कि इंटरनेट की सेवाएं बंद कर दी गई थीं। इसी दौरान अमेरिका ने चुनाव के दौरान हुई हिंसा और प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा है कि चुनावों में अभिव्यक्ति, संघ और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता पर अनुचित प्रतिबंध लगाए गए हैं। हम चुनावी हिंसा, मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध की निंदा करते हैं।
चुनाव में हुई धांधली के आरोपों की जांच की मांग
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों पर हमले, इंटरनेट और दूरसंचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगाना गलत है और हम इसे कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में हुई धांधली और हस्तक्षेप की पूरी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने इसके अलावा बताया कि अमेरिका तैयार है पाकिस्तान की अगली सरकार के साथ काम करने के लिए।
इमरान और नवाज ने सरकार बनाने का दावा किया
पाकिस्तान में चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। लेकिन नवाज शरीफ ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। उन्होंने देश में गठबंधन सरकार बनाने के लिए प्रतिद्वंद्वी दलों से मिलने का आह्वान किया है। इसी बीच, इमरान खान की पार्टी ने भी सरकार बनाने का दावा किया है। हालांकि वर्तमान में सत्ता की कमान किसके हाथों में जाएगी, यह अभी तक अनिश्चित है।

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