देश प्रगति की तरफ लगातार बढ़ रहा है, राम मंदिर का निर्माण आम लोगों के द्वारा किए गए सहयोग से हो रहा है : प्रशांत सिंह अटल

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” इस देश में 22 जनवरी को पूरे देश ही नहीं पूरी दुनिया में सनातन समाज हिंदू समाज उत्साहित है। भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर ऐसे समय कुछ आयातित विचारधारा के लोग एक अनावश्यक बहस कर रहे हैं कि राम मंदिर क्यों अस्पताल क्यों नहीं एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस क्यों नहीं” , ये कहना है श्री प्रशांत सिंह अटल जी का, जो सम्मानीय अधिवक्ता उच्च न्यायालय,लखनऊ खंडपीठ और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के Co -चेयरमैन है ।

हमारे संपादक श्री विकाश आनंद जी से बात करते हुए उन्होंने कहा,” मैं आप सभी लोगों को बताना चाहता हूं। राम मंदिर का निर्माण आम लोगों के द्वारा किए गए सहयोग से हो रहा है और सरकार सिर्फ राम मंदिर के प्रति सीरियस नहीं और 2014 से लेकर 2024 तक माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जो सरकार चली, उसमें ऐसा नहीं है कि हॉस्पिटल्स नहीं बने 315 मेडिकल कॉलेज बने हैं। इस देश में जो अपने आप में कीर्तिमान पहले 1 इंच। हुआ करता था। अब 25 एम्स हिंदुस्तान में बने इसी पिछले 10 सालों में 10 सालों में आईआईटी की संख्या तीन गुनी हुई है। एजुकेशनल के प्रतिष्ठित एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस है। उसकी संख्या दोगुनी हुई मेडिकल की सीट दुगनी हुई है। पिछले 10 वर्षों में 70000 किलोमीटर सड़क बनी है। सड़कों का जाल बना है जो सभी देशवासी जानते इसके अलावा 10000 पंचायत घर बने हैं। यही नहीं 50 करोड़ लोगों को जनधन खाते में खाते खुलवाए गए। जन धन अकाउंट पहले आप लोग पोस्ट ऑफिस में खाता तो खुलवा लेते थे लेकिन जिनके पैरों में चप्पल नहीं है जो गरीब है, मजदूर हैं। किसान हैं उनके भी खाते वातानुकूलित बैंक को मिले।”

श्री प्रशांत सिंह अटल जी ने कहा,”यह आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सोच 10 करोड़ जो एलपीजी सिलेंडर उज्जवला योजना के तहत हमारी माताओं बहनों को दिए गए हैं। यह भी एक कीर्तिमान है।इसके अलावा चार करोड़ गरीबों के पक्के छत बने हैं। पक्के घर बने हैं, उनको छत दिया गया 13 करोड़ शौचालय बने हैं जो अपने आप में कीर्तिमान है। पिछले 10 वर्षों में हम को नहीं भूलना चाहिए। देश प्रगति की तरफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन आयातित विचारधारा के मार्क्सवादी और समाजवादी लोग इसको इस अवसर को राम मंदिर के अवसर को की बहस तो दूसरी तरफ ले जाना चाहते हैं। मेरा मानना है। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। यह है कि राष्ट्र मंदिर के निर्माण की तरफ बढ़ते हुए कदम है और इसको पूरे देश में हम सभी लोगों को उत्साह के साथ मनाना चाहिए और इसका स्वागत करना चाहिए। बहुत-बहुत धन्यवाद!”

 

 

 

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