लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित किये गये भवनों के आवंटन में पात्र विस्थापितों को प्रथम वरीयता दी जाएगी. इसके अंतर्गत विस्थापितों को मात्र 5,000 रूपये पंजीकरण धनराशि जमा करने पर हायर परचेज एग्रीमेंट के तहत भवन का कब्जा दे दिया जाएगा, जबकि बाकी धनराशि 10 साल की आसान किस्तों में देनी होगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर विस्थापितों को बड़ी राहत मिलेगी.
लखनऊ विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष और मण्डलायुक्त डाॅ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में हुई प्राधिकरण बोर्ड की 180वीं बैठक में ऐसे कई प्रस्ताव पास किये गये हैं. इस मौके पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ. इन्द्रमणि त्रिपाठी, सचिव पवन कुमार गंगवार और अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह भी मौजूद रहे. उपाध्यक्ष डाॅ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शारदा नगर और बसन्तकुंज योजना में निर्मित किये गये भवनों में से जो भवन खाली हुये हैं, उन्हें भविष्य में कुकरैल नदी से हटाये गये अतिक्रमणों के विस्थापितों के लिए आरक्षित और आवंटित किया जाएगा.
एग्रीमेंट के तहत प्राप्त कर सकेंगे
इसके अलावा बसन्तकुंज योजना के सेक्टर-आई में निर्माणाधीन 3792 भवनों के आवंटन में भी विस्थापितों को प्रथम वरीयता दी जाएगी. इसके बाद जो भवन खाली बचेंगे, उन्हें पंजीकरण कराने वाले सामान्य आवेदकों के मध्य लाॅटरी के माध्यम से आवंटित किया जाएगा. इस क्रम में व्यवसायिक श्रेणी के विस्थापित प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में खाली व्यवसायिक दुकानों को मात्र 15 प्रतिशत धनराशि के अग्रिम भुगतान पर हायर परचेज एग्रीमेंट के तहत प्राप्त कर सकेंगे, शेष धनराशि किस्तों में देनी होेगी.
पांच प्रतिशत पंजीकरण देना होगा
उन्होंने बताया कि इसके अलावा अवैध भवनों और बहुमंजिला इमारतों के ध्वस्तीकरण के बाद या किसी प्राकृतिक आपदा से आवास विहीन हो रहे लोग और अन्य विस्थापित जो ‘पहले आओ-पहले पाओ’ योजना के अन्तर्गत फ्लैट लेना चाहते हैं, उन्हें पांच प्रतिशत पंजीकरण और आवंटन के बाद दस प्रतिशत धनराशि जमा कराकर हायर परचेज एग्रीमेंट के आधार पर फ्लैट का कब्जा दिया जाएगा, शेष धनराशि किस्तों में देनी होगी
(Courtesy by; news18)


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