बांग्लादेशी नागरिकों व रोहिंग्या को की जा रही विदेशी फंडिंग को लेकर आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने दिल्ली के साथ ही बंगाल के भी एक एनजीओ की पड़ताल शुरू की है। इस एनजीओ से घुसपैठियों को बड़ी रकम भेजी गई थी, जिसका उपयोग देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था।
एटीएस इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि दिल्ली के जिस एनजीओ को विदेश से 20 करोड़ रुपये भेजे गए थे, उससे कितनी रकम उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों की मदद के लिए भेजी गई थी। इसकी तह तक पहुंचने के लिए एटीएस दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से 18 दिसंबर को पकड़े गए मोहम्मद अब्दुल अव्वल को पुलिस रिमांड लेने की तैयारी में है। उसकी मदद से एटीएस विदेशी फंडिंग के नेटवर्क से जुड़े दिल्ली के डा.अब्दुल गफ्फार तक पहुंचने का प्रयास करेगा।
एटीएस ने विशेष कोर्ट में अब्दुल अव्वर की पुलिस रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। एटीएस ने 11 अक्टूबर को बांग्लादेशियों व रोहिंग्या की घुसपैठ कराकर उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य बांग्लादेश निवासी आदिलुर्रहमान, बंगाल के नजीबुल शेख व अबु हुरायरा गाजी को गिरफ्तार किया था। गिरोह बांग्लादेशी महिलाओं की तस्करी भी कर रहा था।
नजीबुल व अबु हुरायरा देवबंद (सहारनपुर) में रह रहे थे, जिसके बाद गिरोह के देवबंद कनेक्शन की पड़ताल भी तेज की गई थी। जांच में सामने आया था कि देवबंद में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद हबीबुल्ला मस्बाह उर्फ नजीब को जाली भारतीय दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे। एटीएस ने हबीबुल्ला को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था।
सोशल वेलफेयर ट्रस्ट को 20 करोड़ की विदेशी फंडिंग
गिरोह एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) खातों में विदेश से मिल रहे धन को घुसपैठ कराने, घुसपैठियों के जाली दस्तावेज बनवाने, उन्हें शरण दिलाने व राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में खर्च कर रहा था। इनमें डॉ.अब्दुल्ल गफ्फार के एनजीओ सन शाइन हेल्थ एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट को 20 करोड़ की विदेशी फंडिंग हुई है।
(Courtesy by;Jagran)


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