लोकसभा चुनाव 2024 से पूर्व भाजपा संगठन को मजबूत करने के लिए मंडल अध्यक्षों के 20 प्रतिशत पदों पर बदलाव करने की तैयारी में है। पार्टी ने उन मंडल अध्यक्षों को बदलने का फैसला किया है जो नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद आदि पदों पर निर्वाचित हो गए हैं या जिनके बारे में संगठन और लोगों का अच्छा फीडबैक नहीं है।
आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा जिलाध्यक्षों को बदलने के बाद अब संगठन को मजबूत करने के लिए जिलों में निचले स्तर पर बदलाव करने जा रही है। पार्टी जल्द ही मंडल अध्यक्षों के 15 से 20 प्रतिशत पदों पर बदलाव करेगी। यह काम इसी हफ्ते होगा।
प्रदेश में भाजपा के 1918 संगठनात्मक मंडल है। मंगलवार को भाजपा के राज्य मुख्यालय में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की क्षेत्रीय अध्यक्षों और क्षेत्रीय प्रभारियों के साथ हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई। पार्टी ने उन मंडल अध्यक्षों को बदलने का फैसला किया है जो नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद आदि पदों पर निर्वाचित हो गए हैं या जिनके बारे में संगठन और लोगों का अच्छा फीडबैक नहीं है
उन मंडल अध्यक्षों को भी बदला जाएगा जो निष्क्रिय हैं या गंभीर रूप से बीमार हैं। लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण पार्टी ने यह काम तत्काल करने का फैसला किया है। पार्टी की सांगठनिक गतिविधियों में मंडल अध्यक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मंडल अध्यक्षों को बदलने में जनप्रतिनिधियों से भी सलाह मशविरा करने के लिए कहा गया है लेकिन यह भी ताकीद किया गया है कि इसमें सिर्फ उनकी मर्जी नहीं चलेगी।
नई दिल्ली में 22 व 23 दिसंबर को होने वाली भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक से पहले यह बदलाव करने का निर्देश दिया गया है। माह के अंत तक जिलों में खाली पदों को भी भरने के लिए कहा गया है। एक अन्य बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री संगठन ने मंडल अध्यक्षों को नमो एप के माध्यम से विकसित भारत एंबेसडर अभियान को गति देने का निर्देश दिया। भाजपा ने प्रदेश में दो करोड़ लोगों को नमो एप के जरिये विकसित भारत एंबेसडर बनाने का लक्ष्य तय किया है।
(Courtesy by; Jagran)


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